GNDU B.A. Sem-I Political Science Question Paper PDF

GNDU B.A. Sem-I Political Science question paper इस विषय में परीक्षक सिर्फ़ यह नहीं देखता कि आपने क्या लिखा, यह भी देखता है कि वह बात किसकी है और किस तर्क पर टिकी है। नाम और तर्क के बिना सही जानकारी भी हल्की लगती है। इस पेज पर B.A. पहले सेमेस्टर के Political Science के पुराने प्रश्न-पत्र रखे गए हैं, और साथ में यह बताया गया है कि उन्हें पढ़कर अपनी तैयारी कैसे परखी जाए।

इस पेज पर कौन से वर्ष हैं

2016, 2017, 2018, 2019, 2021, 2022, 2023, 2024, 2025 इन वर्षों के प्रश्न-पत्र नीचे से डाउनलोड कीजिए।

Political Science B.A Semester-I

Political Science            

  2016 Pdf Download 

Political Science      

        2017 Pdf Download 

Political Science     

        2018 Pdf Download 

Political Science       

      2019 Pdf Download 

Political Science       

      2021 Pdf Download 

Political Science       

      2022 Pdf Download 

Political Science       

      2023 Pdf Download 

Political Science        

      2024 Pdf Download 

Political Science          

    2025 Pdf Download 

पाठ्यक्रम और परीक्षा-ढाँचा

कोड, इकाइयाँ और अंकों का हिसाब हमारे पेज पर नहीं है। उसे GNDU की ताज़ा सूचना से ही मिलाइए, क्योंकि पुराने पर्चे और आज का पर्चा एक जैसे नहीं भी हो सकते।

Political Science के प्रश्न किन रूपों में आते हैं

प्रश्नों को गौर से देखें तो वे कुछ अलग-अलग काम करवाते हैं। किसी में आपको कोई धारणा समझानी होती है, किसी में किसी चिंतक का पक्ष रखना होता है और उसकी कमज़ोरियाँ गिनानी होती हैं। कुछ प्रश्न दो विचारों या व्यवस्थाओं को आमने-सामने रखने को कहते हैं, और कुछ किसी संस्था के काम करने के ढंग को बताने को।

कलम उठाइए, पर पहले रुककर देखिए कि प्रश्न की माँग क्या है। क्या उसे किसी बात की व्याख्या चाहिए, किसी चिंतक का पक्ष चाहिए, दो चीज़ों के बीच फ़र्क़ चाहिए, या किसी संस्था के काम का ब्योरा? जवाब का रास्ता इसी से तय होगा।

एक पुराने प्रश्न-पत्र को परखने का तरीका

प्रश्न-पत्र हल करने से पहले उसके हर सवाल को एक नाम दीजिए: अवधारणा, विचारक, तुलना या संस्था। फिर हल करने के बाद देखिए कि किस नाम वाले सवालों में आपके अंक या आत्मविश्वास कम रहा। कुछ प्रश्न-पत्रों के बाद आपके सामने साफ़ होगा कि आपकी कमज़ोरी विचारकों के नाम याद रखने में है, तुलना सजाने में है, या संस्थाओं की बारीकी में।

विचारक और अवधारणा को साथ-साथ लिखने की आदत

सिर्फ़ परिभाषा लिखकर रुक जाने से जवाब की गहराई नहीं बनती। उसके बग़ल में किसी विचारक का नाम और वह जिस तर्क पर टिका था, यह जोड़ देने से जवाब भरा-पूरा लगता है। इसे एक नमूने से देखते हैं:

कल्पना कीजिए कि पर्चे में “लोकतंत्र के लक्षण लिखिए” आया है। लक्षण लिख चुकने के बाद आख़िर में एक वाक्य रखिए कि किसी चिंतक ने लोकतंत्र को किस नज़रिए से परखा था। बस इतने से आपका उत्तर रटी हुई पंक्तियों से ऊपर उठ जाता है। यह प्रश्न सिर्फ़ ढंग समझाने के लिए सोचा गया है, किसी असली पर्चे से लिया नहीं गया।

अपने सवाल खुद बनाकर देखिए

हर अवधारणा के लिए तीन सवाल बनाइए: पहला सिर्फ़ अर्थ पर, दूसरा किसी विचारक के दृष्टिकोण पर, और तीसरा उसकी आलोचना पर। फिर किताब बंद करके तीनों के जवाब लिखिए। जहाँ आपको नाम या तर्क नहीं सूझा, वह हिस्सा दोबारा पढ़ना है।

जवाब लिखने के बाद तीन बातें जाँचिए

  • क्या जवाब में अवधारणा की साफ़ परिभाषा है?
  • क्या मेरे उत्तर में किसी चिंतक का नाम या कोई ठोस मिसाल मौजूद है?
  • क्या अंत में एक-दो पंक्तियों में निष्कर्ष है?

ध्यान रखें

यह एक स्वतंत्र अध्ययन-साइट है और Guru Nanak Dev University से इसका कोई संबंध नहीं है। प्रश्न-पत्र सिर्फ़ अभ्यास के लिए हैं। परीक्षा की सटीक जानकारी के लिए GNDU की वेबसाइट देखिए।

संबंधित पृष्ठ

प्रश्न-पत्र हल करने का आम तरीका हमारी गाइड में है: GNDU Previous Year Papers का सही इस्तेमाल कैसे करें। अपने कोर्स का सही प्रश्न-पत्र ढूँढने के लिए यह पृष्ठ देखिए: GNDU Question Paper कैसे ढूँढें।

कोई फ़ाइल न खुले तो

PDF न खुले या किसी साल का प्रश्न-पत्र ग़लत लगे, तो gndupaperscom@gmail.com पर लिख भेजिए।